साधारण दर्शन और उपभोक्तावाद जिसका सबसे बड़ा प्रतीक अमेरिका है जो खुद नर्क है वो बात दूसरों को बोले यह बात बड़ी विचित्र और हास्यास्पद है_आचार्य प्रशांत

रिपोर्ट _कृष्णा रावत डोभाल
ऋषिकेश, मुनि की रेती शीशम झाड़ी स्थित एक आश्रम में प्रशांत अद्वैत फाउंडेशन के संस्थापक आचार्य प्रशांत ने एक शिविर का आयोजन किया। जिसमें बड़ी संख्या में देश के कोने कोने से युवा वर्ग हिस्सा ले रहा हैं, आचार्य प्रशांत के बौद्धिक सत्र में अनेक विषयों पर चर्चा हो रही है जिस से युवा वर्ग को नई ऊर्जा मिल रही है ।
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आचार्य प्रशांत ने कठोपनिषद और रिभुगीता के श्लोकों के माध्यम से आत्मज्ञान,आतरिक स्वतंत्रता और मानवीय संबंधों की प्रकृति पर चर्चा कर खुले मंच से प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दे कर विषय का विस्तृत खाका खींचते जिस से युवाओं को जीवन में नई दिशा मिल रही है।
मीडिया से वार्ता में आचार्य प्रशांत ने कहा कि अपने आपसे मीठे झूठ बोलना पूरी दुनिया के लिए घातक है। जब लोगों के जीवन में प्रेम होता है तो वे दुनिया में हिंसक नहीं होते ।
आध्यात्मिक गुरु और सोशल इन्फ्लूजर आचार्य प्रशांत युवाओं में काफी लोकप्रिय है सोशल मीडिया पर उनके 69मिलियन से ज्यादा फालोवर है, ऋषिकेश चल रहे अपने बौद्धिक सत्र में बोलते हुए आचार्य प्रशांत ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की भारत पर की गई टिप्पणी पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि आज विश्व के लिए सबसे बड़ा नर्क साधारण दर्शन और उपभोक्तावाद जिसका सबसे बड़ा प्रतीक अमेरिका है जो खुद नर्क है वो बात दूसरों को बोले यह बात बड़ी विचित्र और हास्यास्पद है।


