
रिपोर्ट _ कृष्णा रावत डोभाल
देहरादून, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास परिसर में शहद निकालने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री आवास परिसर में इस वर्ष मात्र 45 दिनों की अवधि में 520 किलोग्राम शहद का उत्पादन किया गया ।वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उत्तराखंड मौन परिषद के उपाध्यक्ष गिरीश डोभाल ने मुख्यमंत्री धामी का राज्य में शहद उत्पादन की दिशा में राज्य के युवाओं, काश्तकारों और महिला समूह को प्रोत्साहित करने के लिए आभार जताया ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में शहद उत्पादन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, विशेषकर पर्वतीय और वन क्षेत्रों में। उन्होंने निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों में बी-बॉक्स की स्थापना के लिए एक प्रभावी नीति तैयार की जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत मधुमक्खी पालन को प्राथमिकता दी जाएगी और इससे जुड़े किसानों एवं उद्यमियों को विशेष सब्सिडी प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में मौन पालन को और अधिक प्रोत्साहित किया जाएगा तथा इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए तेजी से कार्य किया जाएगा। उन्होंने इसे स्वरोजगार का एक सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर आय में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री आवास परिसर में वर्ष भर शहद उत्पादन के लिए उपयुक्त पुष्पीय एवं परागयुक्त पौधों का रोपण किया जाए। साथ ही “थ्री-बी” (बर्ड फ्रेंडली, बी फ्रेंडली, बटरफ्लाई फ्रेंडली) गार्डन के निर्माण की दिशा में कार्य प्रारंभ किया जाए। मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस और हरेला पर्व जैसे अवसरों पर “थ्री-बी” आधारित पौधरोपण अभियान चलाने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होंगी, बल्कि मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन को भी स्थायी रूप से बढ़ावा देंगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर मौन परिषद के उपाध्यक्ष गिरीश डोभाल ने मुख्यमंत्री धामी का राज्य में शहद उत्पादन की दिशा में राज्य के युवाओं, काश्तकारों और महिला समूह को प्रोत्साहित करने के लिए आभार जताया और कहा कि उत्तराखंड सरकार के प्रयास से काफी कम समय में देश में क्वालिटी हनी प्रोडक्शन के क्षेत्र में उत्तराखंड ने आठवां स्थान प्राप्त किया है, जो जल्द ही धामी सरकार के प्रयास से तेजी से हाउस ऑफ हिमालय प्रोडक्ट का ज्वैल बन गया है सरकार जल्द ही प्रसिद्ध ज्योली कोट के शहद को जी आई टैग से युक्त कर विश्व भर में नई पहचान दिलाने के लिए अग्रसर है, मौन परिषद की आगामी कार्य योजनाओं से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अवगत करा कर राज्य में मधु ग्राम स्थापना और स्वरोजगार के तहत स्कूली शिक्षा में बी कीपिंग को जोड़ने की बात रखी।


