
रिपोर्ट _ कृष्णा रावत डोभाल
ऋषिकेश, ओशो मल्टी सर्विसेस की ओर से आयोजित सात दिवसीय निःशुल्क समर कैंप में बच्चों ने रंगमंच की विधाओं के अलावा अन्य कई रचनात्मक गतिविधियों में प्रतिभाग किया। शिविर में 40 से अधिक बच्चों ने प्रतिभाग किया। समापन अवसर पर सभी बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। समर कैंप के आयोजक स्वामी बोधिवर्तमान डॉ मनोज रांगड ने बताया कि ध्यान सेवा का सशक्त माध्यम बनता है सेवा ही धर्म का पहला पायदान होती है, इसलिए बच्चों के साथ सेवा भाव से सभी बुद्धिजीवी जुड़े ओर निशुल्क समर कैंप की कल्पना साकार हुई, हर पीढ़ी का यह कर्तव्य है कि वो अगली पीढ़ी को कुछ अच्छा देकर जाए।

शुक्रवार को समर कैंप के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि गर्मी की छुट्टियाँ बच्चों के लिए केवल आराम और मनोरंजन का समय नहीं होतीं, बल्कि यह उनके व्यक्तित्व विकास और नई क्षमताओं को निखारने का भी सुनहरा अवसर होती हैं। इसी उद्देश्य को पूरा करने में समर कैंप महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें शिक्षा, खेल, कला, संस्कृति और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
उत्तराखंड मौन परिषद के उपाध्यक्ष गिरीश डोभाल ने कहा कि समर कैंप बच्चों को पारंपरिक कक्षा की सीमाओं से बाहर निकलकर सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। यहां बच्चे चित्रकला, संगीत, नृत्य, नाटक, योग, खेलकूद, विज्ञान प्रयोग, कंप्यूटर प्रशिक्षण और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेते हैं। इससे उनकी प्रतिभा को पहचानने और उसे विकसित करने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार राजीव खत्री ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए शहर में इस तरह की सामाजिक गतिविधियों को ज्यादा से ज्यादा करा कर, आने वाले पीढ़ी को मोबाईल के स्क्रीन टाइम से दूर कर व्यक्तित्व निखार के लिए नितांत आवश्यक बताया।
समर कैंप में समर कैंप में बच्चों ने प्रसिद्ध रंगकर्मी श्रीष डोभाल (एनएसडी) से रंग मंच के गुरु सीखे। इसके अलावा कई अन्य रचनात्मक गतिविधियां भी आयोजित की गई। कार्यक्रम का संचालन कृष्णा डोभाल ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार व पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष आशीष डोभाल, मोहित गाबा, त्रिभुवन सिंह राणा, संदीप अवस्थी, स्वाति चावला, सुंदरमणि कुड़ियाल,अमित गोयल आदि मौजूद रहे।



