
रिपोर्ट _ कृष्णा रावत डोभाल
नैनीताल, उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी को गिरफ्तारी पर रोक और मुकदमा रद्द करने की याचिका पर फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है।
न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद इसे दूसरी पीठ (अन्य बेंच) को स्थानांतरित कर दिया है।
उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा बताया है। उनका कहना है कि रेखा आर्या ने मंत्री बनने के बाद 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है, जिसकी जांच की मांग करने के कारण उनके खिलाफ यह मामला दर्ज कराया गया है। उन्होंने ऑडियो को एआई (AI) जनित भी बताया है।
मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति पर पहली शादी छिपाने, मारपीट करने, जालसाजी कर फर्जी हस्ताक्षर से कंपनियों के निदेशक पद से हटाने, जान से मारने की धमकी देने, और एससी/एसटी एक्ट (जातिसूचक शब्द) के तहत कैंट थाने (देहरादून) में मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने एक ऑडियो का भी जिक्र किया था जिसमें कथित तौर पर उनकी हत्या की साजिश रची जा रही थी।
इस पूरे मामले की जांच एसआईटी (SIT) कर रही है। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के फैसले के बाद अब मामले की अगली सुनवाई दूसरी अदालत द्वारा की जाएगी।



