
रिपोर्ट ” कृष्णा रावत डोभाल
उत्तरकाशी , धराली में आई विनाशकारी आपदा के एक वर्ष दो माह बाद ग्रामीणों ने मलबे में दबे प्राचिन कल्प केदार मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए खुदाई शुरू कर दी। मंदिर समिति से जुड़े लोगों के अनुसार इतिहास में चौथी बार कल्प केदार को ढूढ़ने का काम शुरू किया गया है। इससे पूर्व आखिरी बार वर्ष 1926 में खुदाई के दौरान कल्प केदार के मुख्य मंदिर को जमीन ने नीचे ढूंढा गया था।
नवरात्रि के पहले दिन शुभअवसर पर आपदा प्रभावित धराली गांव के ग्रामीणों ने आराध्य समेश्वर देवता की देवडोली के आदेश और सानिध्य में कल्पकेदार मंदिर को मलबे के नीचे ढूढ़ने के लिए खुदाई शुरू कर दी गई है
वहां पर विधिविधान के हवन के साथ पूजा पाठ किया गया। उसके बाद समेश्वर देवता के दिए समय पर खुदाई शुरू की गई। कल्प केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेश पंवार ने बताया कि अभी देवता के आदेश के साथ ग्रामीणों ने अपने संसाधनों से खुदाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने भी मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा की।



