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ऋषिकेश कांवड़ यात्रा के लिए तैयार, क्या रहेगा रूट प्लान और कब तक रहेगी शिवभक्तों की भीड़ पढ़िये जानकारी के लिए ये ख़बर..

रिपोर्ट _ कृष्णा रावत डोभाल

ऋषिकेश, 30 जुलाई से शुरू होने वाली कावड यात्रा को लेकर प्रशासनिक अमले ने अपनी कवायद पूरी कर ली है. अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था वी मुर्गेशन ने बताया कि  चार जिलो के अधिकारिओ ने अपने-अपने जिलो की सूचना का आदान-प्रदान करने को लेकर आपस में ताल-मेल बनाने के लिए एक कोऑर्डिनेशन बनाए रखने के निर्देश दिए है।

पूरे मेला छेत्र मे आवागमन , शांति ओर सुरक्षा को बनाये रखने के लिए विशेष इंतजाम के आदेश दिए .साथ सुरक्षा और व्यवस्था बाये रखने के लिए पुलिस प्रसाशन ने जवानों को तैनात कर दिया है गोरतलब है कि हर साल कावड यात्रा में लाखो कि संख्या में शिवभक्त ऋषिकेश हरिद्वार से जल लेकर नीलकंठ भगवान् के जलाभिषेक के लिए आते है जिसमें हरिद्वार देहरादून टिहरी और पौड़ी का प्रशासन विशेष भूमिका निभाता है।

यात्रा की मुख्य तिथियां और अवधि…..

आरंभ तिथि: 30 जुलाई 2026

सावन शिवरात्रि / समापन: 11 अगस्त 2026सावन मास की

कुल अवधि: 30 जुलाई से 28 अगस्त

कांवड़ यात्रा (30 जुलाई से 11 अगस्त 2026) के दौरान ऋषिकेश और नीलकंठ मार्ग पर सुगम यातायात के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक और पार्किंग योजना लागू की है। भीड़ बढ़ने पर भारी और हल्के वाहनों को शहर के बाहर ही डायवर्ट किया जा रहा है।
प्रमुख पार्किंग और रूट व्यवस्था नीलकंठ जाने वाले बड़े वाहन: इन्हें IDPL पार्किंग क्षेत्र पर रोका जा रहा है, जहाँ से श्रद्धालु गरुड़ चट्टी होते हुए पैदल आगे बढ़ रहे हैं।
छोटे वाहन: नटराज चौक से मुनि की रेती होते हुए गरुड़ चट्टी की ओर जा रहे हैं।
वापसी मार्ग: लक्ष्मण झूला बैराज और चीला मार्ग से वापसी की व्यवस्था की गई है।
हरिद्वार-ऋषिकेश मार्ग: चीला मोटर मार्ग को वन-वे (एकतरफा) संचालित किया जा रहा है।
सुरक्षा और निगरानी मेला क्षेत्र में सीसीटीवी और ड्रोन से 24 घंटे लाइव निगरानी रखी जा रही है।भारी भीड़ और जाम की स्थिति में ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों व बैराज की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है।

 

 

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