
रिपोर्ट _ कृष्णा रावत डोभाल
ब्रिक्स समिट में पीएम मोदी का स्वदेशी अंदाज नजर आया जिसने सभी मेहमानों को अपनी और आकर्षित किया।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंच पर भारत की स्वदेशी संस्कृति, स्थानीय उत्पादों और ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज को प्रमुखता से रखा ।
पीएम मोदी ने वैश्विक शासन में सुधार के लिए 10 सूत्रीय प्रस्ताव रखे और कहा कि ग्लोबल साउथ को अब केवल ‘नियम मानने वाला’ नहीं बल्कि ‘नियम बनाने वाला’ बनना चाहिए।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (UPI) और स्वदेशी स्टार्टअप्स की सफलता की कहानी दुनिया के सामने रखी।
आज, ब्रिक्स भी परिपक्वता के दौर में पहुंच गया है। पिछले दो दशकों में, ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। हम एक-दूसरे के नजरिए का सम्मान करते हैं और आम सहमति से आगे बढ़ते हैं। हम किसी का विरोध करके नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। अब वक्त आ गया है कि हम ब्रिक्स के अंदर अपनी एकता और आम सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस नतीजों में बदलें।


