उत्तराखंड में अब विधानसभा चुनाव की अटकलों पर लगा विराम, फरवरी 2027 में होने की संभावना
जनगणना की अधिसूचना से हुई तस्वीर साफ , अटकलों पर लगा विराम

रिपोर्ट _ कृष्णा रावत डोभाल
देहरादून , पुरानी कहावत है ना सूत ना कपास, जुलाहों के बीच लठम लट्ठा, यानि सिर्फ हवाबाज़ी और पार्टियों में खींची तलवारे, कुछ ऐसा ही नजारा उत्तराखंड की राजनीति में भी देखने को मिला जल्दी चुनाव की अटकलों के बीच सड़क चौराहों, बिजली के पोल पर नेताओं ने प्रकट होकर आगामी विधायक के रूप में अपनी दावेदारी सार्वजनिक कर दी, कोई सड़क ना बनने से नाराज कोई सड़क क्यों बन रही है इस पर नाराज, क्षेत्रवाद का झोंक लगा कर सोशल मीडिया रंगीन हुआ, त्यौहारों पर पार्टियों का दौर लेकिन एक सरकारी फरमान ने इन सभी भविष्य के दावेदारों पर फिलहाल पानी फेर दिया है, क्या है पूरा मामला पढिये विस्तार से ख़बर…
उत्तराखंड में 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक जनगणना प्रस्तावित है। इस दौरान बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई जाएगी। विधानसभा चुनाव के लिए भी प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की बड़े स्तर पर आवश्यकता होती है। ऐसे में जनगणना के बीच चुनाव कराना प्रशासन के लिए मुश्किल होगा।
हरिद्वार कुंभ के चलते उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव समय से पहले दिसंबर 2026 में कराए जाने की अटकलों पर अब विराम लग गया है। भारत सरकार की ओर से जारी जनगणना की अधिसूचना के बाद चुनाव तय समय पर फरवरी 2027 में ही होने की संभावना बढ़ गई है। इसे लेकर पिछले कुछ समय से प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज थी और चुनावी मैदान में उतरने के इच्छुक दावेदार विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय हो गए थे।
वहीं, 5 जनवरी के बाद उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम एक और बड़ी चुनौती बन सकता है। ऊंचाई वाले इलाकों में जनवरी-फरवरी के दौरान बर्फबारी के कारण कई सड़कें और संपर्क मार्ग प्रभावित होते हैं। ऐसे में चुनावी मशीनरी, मतदान दल और सुरक्षा बलों को दूरस्थ बूथों तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि फरवरी में भी मौसम चुनौतीपूर्ण रहता है, लेकिन निर्धारित चुनावी कार्यक्रम के अनुरूप तैयारियां पहले से की जा सकती हैं।
विधान सभा चुनाव की जल्द अटकलों के बीच पार्टीयों में दावेदारों ने ठोकी थी दावेदारी….
दिसंबर में चुनाव की संभावना को देखते हुए संभावित प्रत्याशियों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ा दिया था। राजनीतिक दलों के नेता भी संगठनात्मक स्तर पर तैयारियों में जुटे थे। अब फरवरी में चुनाव होने की संभावना से दावेदारों को रणनीति बनाने के लिए कुछ और समय मिल गया है।
पिछले चुनाव में 2022 में भाजपा ने जीती थीं 47 सीटें….
उत्तराखंड में पिछला विधानसभा चुनाव 14 फरवरी 2022 को हुआ था और परिणाम 10 मार्च 2022 को घोषित किए गए थे। 70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 47 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था। कांग्रेस को 19, बसपा को दो और निर्दलीय उम्मीदवारों को दो सीटें मिली थीं। अब 2027 के चुनाव में सत्ता की तस्वीर किस करवट बैठेगी, इस पर सभी की नजरें रहेंगी। (साभार सोशल मीडिया)



