
दिल्ली/ऋषिकेश, विकास बनाम पर्यावरण की लड़ाई जब देश की सर्वोच्च अदालत पहुंची तो वहां सर्वोच्च अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया।
भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना के लिए हो रहे पेड़ों के कटान का विरोध कर रहे पर्यावरण प्रेमियों को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा। शीर्ष अदालत ने पर्यावरण प्रेमी रेनू पॉल की ओर से दायर अवमानना याचिका खारिज कर दी। कोर्ट के इस फैसले से फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और परियोजना से जुड़े पक्षों को राहत मिली है।
पर्यावरण प्रेमी रेनू पॉल ने बीते बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया था कि सरकार के पास पेड़ों के कटान की वैधानिक अनुमति नहीं है। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई कराई जा रही है, जो न्यायालय के आदेशों की अवमानना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में न केवल आम जनता बल्कि न्यायालय को भी गुमराह कर रही है।
दूसरे पक्ष एनएचएआई के डीजीएम सौरभ कुमार ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। आगामी दिनों में राज्य सरकार के माध्यम से होने वाले संवाद में मजबूत पक्ष रखा जाएगा।



