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निजी स्कूलो पर सरकार की नकेल

निजी स्कूलों की फीस को लेकर अब सरकार एक्शन में , मुख्यमंत्री के आदेश पर हम जल्द होगी कार्रवाई

 

रिपोर्ट _ कृष्णा रावत डोभाल

देहरादून , उत्तराखंड राज्य में बच्चों के भविष्य के लिये सपने देखना और उनको निजी स्कूल में पढ़ना भी आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है , किसी ना किसी बहाने और मनमानी के चलते अभिभावक की जेब पर निजी स्कूल संचालक चाकू चलाते रहते है अभिभावक भी बच्चे के भविष्य को देखकर निजी स्कूलों के फीस के बोझ में दबे सबकुछ सहते रहते है, सरकार का अंकुश ना होने के चलते ये स्कूल मनमानी कर अभिभावकों से मोटी रकम वसूलते जा रहे है, अब ऐसा ना हो इसके लिए धामी सरकार ने शिक्षा विभाग को आदेश पारित किया है जिसका कितना असर होगा ये अभी भविष्य के गर्त में है अब खबर विस्तार से……

राज्य के प्राइवेट स्कूलों की फीस पर नियंत्रण का मुद्दा एक बार फिर फाइलों से बाहर निकल आया है। दिलचस्प बात यह है कि अभिभावक एकता समिति के ज्ञापन पर सीएम पुष्कर सिंह धामी के कार्यालय के नौ महीने पहले दिए गए कार्रवाई के निर्देश पर शिक्षा विभाग की नींद अब टूटी है।

अपर माध्यमिक शिक्षा निदेशक रामकृष्ण उनियाल ने सभी सीईओ को निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर नियंत्रण के लिए समिति के सुझावों के अनुसार कार्रवाई करने को कहा है। समिति ने पिछले साल 22 अप्रैल 2022 को सीएम को ज्ञापन देकर प्राइवेट स्कूलों में फीस नियंत्रण के लिए राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण गठन को सक्रिय करने की मांग की थी।
गौरतलब है कि पूर्व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने फीस ऐक्ट को लेकर चुनावी आचार संहिता लागू होने से ठीक तीन दिन पहले पांच जनवरी 2022 को प्राधिकरण के गठन के आदेश कर दिए। इसमें प्राधिकरण शिक्षा में सुधार के लिए तो नीतियां बनाएगा ही। साथ ही निजी स्कूलों में एडमिशन और फीस नियंत्रण के मानक भी तय करेगा। साथ ही निजी स्कूलों के शिक्षक और कार्मिकों के वेतन भी निर्धारित करेगा। प्राधिकरण के अधिकारियों को सरकारी और निजी स्कूलों के नियमित मुआयने का अधिकार होगा।

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