उत्तराखंड विधानसभा का सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, हंगोंग में के बीच 10 विधेयक पारित

रिपोर्ट _ कृष्णा रावत डोभाल
चमोली , उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र विपक्ष के हंगामे के बीच संपन्न हो गया। सदन में 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट और विनियोग विधेयक समेत सभी 10 विधेयक पारित किए गए। विरोध के दौरान विपक्षी विधायक सदन के वेल में पहुंचे और काले झंडे दिखाने के साथ कागज भी फेंके। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक विधानसभा भवन के बाहर धरने पर बैठे। इसके बाद सदन में भी विपक्ष का विरोध जारी रहा। विधायक नियम 310 के तहत 210 करोड़ रुपये के मामले पर चर्चा कराने की मांग करते हुए वेल में पहुंच गए। विपक्ष ने काले झंडे दिखाकर नारेबाजी की। इस दौरान अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर भी नारे लगाए गए।
विपक्ष की मांगों और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। कार्यवाही पहले सुबह 11:20 बजे और फिर दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। शोर-शराबे के बीच सरकार ने अनुपूरक बजट और विधेयकों को पारित कराया। अंत में सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि
सदन में सरकार को घेरने का अवसर विपक्ष को मिलता है। नियम-58 में मौका था। विपक्ष ने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी। प्रदेश का नुकसान किया। सदन का महत्वपूर्ण समय था। 310 की सूचना तात्कालिक विषय पर होती है। विपक्ष जनता को गुमराह कर रहा है।



