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उत्तराखंड में राजस्व पुलिस व्यवस्था का कोई औचित्य नहीं

विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने मुख्यमंत्री की मांग , उत्तराखंड में जल्द समाप्त हो राजस्व व्यवस्था

रिपोर्ट _कृष्णा रावत डोभाल

देहरादून, उत्तराखंड में राजस्व पटवरी व्यवस्था जल्द समाप्त हो , पुलिस को ही राजस्व पटवारी व्यवस्था का काम संभालने की जिम्मेदारी मिले जिससे न्याय मिलने में कभी देरी ना हो , गौरतलब है कि उत्तराखंड में अभी भी अंग्रेजों के समय से चली आ रही है पटवारी वाला ग्रुप है जिसको लेकर अंकिता हत्याकांड के बाद सवाल उठना शुरू हो गए हैं क्योंकि इस केस में भी पटवारी ने अपनी लापरवाही के चलते कोई ठोस कदम नहीं उठाया था जिस मामले को पुलिस ने 24 घंटे में सुलझा कर रख दिया ।

अंकिता भंडारी निर्मम हत्याकांड के बाद उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने प्रदेश में जहाँ कहीं भी राजस्व पुलिस की व्यवस्था चली आ रही है, को तत्काल समाप्त कर सामान्य पुलिस बल के थाने / चौकी स्थापित करने हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर शीघ्र इस विषय पर आदेश जारी करने का आग्रह किया|

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में आज भी कई क्षेत्रों में राजस्व पुलिस व्यवस्था जारी है| आज के आधुनिक युग में जहाँ सामान्य पुलिस विभाग में पूरे देश में एक राज्य से दूसरे राज्य में पीड़ित जीरो एफ0आई0आर0 दर्ज कराकर अपनी शिकायत पंजीकृत करा सकता है। वहीं ऋषिकेश शहर से मात्र 15 कि०मी० की दूरी पर राजस्व पुलिस जिसके पास पुलिस के आधुनिक हथियार तथा जॉच हेतु किसी भी प्रकार का प्रशिक्षण प्राप्त नहीं है, वे जॉच कर रहे है। यह जानकर अत्यन्त ही पीड़ा होती है।
विधानसभा अध्यक्ष ने अपने पत्र में लिखा कि गंगा भोगपुर में यदि सामान्य पुलिस बल कार्य कर रहा होता तो निश्चित रूप से प्रदेश की बेटी अंकिता आज हमारे मध्य होती और आम जनता में सरकारी कार्यप्रणाली के प्रति इतना रोष व्याप्त नहीं होता। विधानसभा अध्यक्ष ने तत्काल प्रभाव में राजस्व पुलिस की व्यवस्था को समाप्त कर पुलिस चौकी एवं थाना स्थापित करने का मुख्यमंत्री से आग्रह किया, जिससे भविष्य में इस प्रकार की अप्रिय घटना दुबारा घटित न हो|

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