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लिखित आश्वासन के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत

रिपोर्ट _ कृष्णा रावत डोभाल

नई दिल्ली, तिहाड़ में न्यायिक हिरासत लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की जमानत याचिका को लेकर  SEM कोर्ट में सुनवाई हुई। इसके बाद कोर्ट ने दोनों को जमानत दे दी। गौरतलब है कि कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत को बढ़ाने की मांग की थी। पुलिस ने दोनों की तीन दिन की न्यायिक हिरासत मांगी थी। हालांकि, कोर्ट ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया और सौरव दास और आशुतोष रांका को जमानत दे दी है। जमानत के फैसले के बाद सौरभ दास और रांका को तिहाड़ जेल ले जाया गया। अब तिहाड़ जेल से उनकी रिहाई हो गई है।

शांति भंग नहीं करने का दिया आश्वासन….

सुनवाई के दौरान कोरी ने कहा कि मौजूदा हालात में शांति बनाए रखने के लिए सौरव दास और आशुतोष रांका से बॉन्ड भरवाना और लिखित आश्वासन लेना पर्याप्त है, उन्हें जेल में रखने की जरूरत नहीं है। जानकारी के अनुसार, सौरव दास और आशुतोष रांका ने अदालत में लिखित आश्वासन दिया है कि वे शांति भंग नहीं करेंगे और कानून-व्यवस्था बनाए रखेंगे। दोनों ने यह भी कहा है कि कानून के मुताबिक, अनुमति मिलने तक वे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए कोई कॉल नहीं देंगे।

हाई कोर्ट ने सौरव और रांका को लगाई फटकार…..

दिल्ली हाई कोर्ट से फटकार के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका ने दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत की याचिका वापस ले ली थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आशुतोष रांका और सौरव दास को फटकार भी लगाई।

 

क्या कहा कोर्ट ने ___

*दिल्ली हाई कोर्ट ने सौरव दास, रांका की उम्र पूछी और कहा कि सौरव दास, आशुतोष रांका GEN-Z नहीं हैं

*प्रदर्शन शांतिपूर्ण रखना था, तो पुलिस से अनुमति ली जा सकती थी?

*बॉन्ड तोड़ने के बाद सख्त बॉन्ड की शर्त पर आपत्ति क्यों?

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