रेडियो केदार ने कम्युनिटी रेडियो के क्षेत्र में बनाया अपना अलग मुकाम मिला प्रतिष्ठित”पर्यावरण चैंपियन सम्मान”

रिपोर्ट _ कृष्णा रावत डोभाल
देहरादून, उत्तराखंड में पत्रकारिता के क्षेत्र में जमीनी पत्रकारिता का एक चेहरा है राजेश पाण्डेय का, जिनकी कहानियां आज के पत्रकारिता के सबसे खराब दौर में एक ताजी हवा के झोंके की बयार लेकर आती है जो आम आदमी की जिंदगी के ताने बाने को बुनते है और उसकी खूबसूरती को अपने ठेठ अंदाज में रंग और रस भरकर पाठकों और दर्शकों के सामने परोसते है, उनकी हर कहानी पहाड़ की जिंदगी को सही रूप में सामने लाती है, इसमें कोई शक नहीं है सच्ची पत्रकारिता में कितने मिलो की पैदल दूरी, पहाड़ों के उतार चढ़ाव के साथ कभी इस पगडंडी कभी उस पगडंडी पर उतरते चढ़ते कठिन परिश्रम को समाहित कर, कभी ना खत्म होने वाली मुस्कान और गर्मजोशी राजेश पाण्डेय साहब को उत्तराखंड में अलग पत्रकारिता के पायदान पर खड़ी कर देती है जिसको स्पर्श कर हर पत्रकारिता का विद्यार्थी नए दृष्टिकोण को पाता है।
पहाड़ दस्तक लाइव राजेश पाण्डेय जी की मेहनत, लगन और सोच को सलाम करते हुए उनके प्रयास को अनंत शुभकामनाएं देता है।
रेडियो केदार को पांच जून को आयोजित होने वाले विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में NMCG-WII का पर्यावरण चैंपियन सम्मान मिला। मानव भारती सोसाइटी के निदेशक डॉ. हिमांशु शेखर जी के मार्गदर्शन में संचालित रेडियो केदार 91.2 एफएम और वेब रेडियो के लिए यह प्रसन्नता का विषय है। कम्युनिटी इंगेजमेंट के माध्यम से रेडियो केदार गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने की पहल करता आया है। इस अवसर पर पद्मश्री माधुरी बर्थवाल , पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ,डब्ल्यूआईआई की डीन डॉ. रुचि बडोला , डब्ल्यूआईआई में सीनियर साइंटिस्ट एवं नमामि गंगे प्रोजेक्ट के नेशनल कोआर्डिनेटर डॉ. संगीता अंगोम के संयुक्त प्रयास से केदार रेडियो ने अपना एक अलग मुकाम बनाया है।



