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जाम में रहने की आदत डाल ले ऋषिकेश

सभी ट्रैफिक प्लान फेल, अधिकारी पास. सड़कों पर ना डिवाइडर ना सवारी ढो रहे वाहनों पर सख्ती, शहर में नो एंट्री सिर्फ कागजों पर

रिपोर्ट _कृष्णा रावत डोभाल

ऋषिकेश, ऋषिकेश जिस तरह तेजी से पूरे विश्व में अपनी जगह बनाता जा रहा है वही यहां का सिस्टम और सरकार की नाकामी ऋषिकेश आए पर्यटकों को पर्यटन प्रदेश की झलक दिखाना शुरू कर देती है , पर्यटक सिर्फ जाम के झाम में बेहाल हो जाता है गाड़ी का पेट्रोल और क्लच प्लेट जवाब देने लगती है लेकिन सवाल कभी भी हल नहीं हो पाते ।

सवाल हैं मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण जवाब नहीं हटे गा नहीं हटने देंगे ,सभी ट्रैफिक प्लान फेल लेकिन अधिकारी पास , सड़कों पर ना डिवाइडर जिसकी मर्जी वो वहा घुसे, सवाल देखेगा कौन जवाब कोई नहीं पुलिस बल की कमी है , जगह जगह ई-रिक्शा थ्री व्हीलर विक्रम सवारी को देखकर बीच सड़क में वाहन रोकते हैं लेकिन देखेगा कोन वही रटा रटाया हुआ जबाब , ना सवारी ढो रहे वाहनों पर सख्ती, शहर में नो एंट्री जनाब वह होती क्या है होमगार्ड को ₹20 दे ओर बड़े वाहनों को लाला की दुकान पर लगा दे, तो आप कह सकते हैं नो एंट्री सिर्फ कागजों पर ।

राज्य के मुखिया उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की नकल करते हुए बुलडोजर क्रांति लाने की बात तो करते हैं लेकिन पूरे उत्तराखंड में सबसे बड़ी पर्यटन की नगरी ऋषिकेश की सुध लेने की जनाब पर फुर्सत नहीं है प्रदेश अध्यक्ष भाजपा ऋषिकेश से हैं लेकिन कभी भी सरकार के सामने यहां की बात तो रखना दूर अधिकारियों को यहां की हालत पर वार्निंग तक नहीं देते ,

आखिर ऋषिकेश के सिस्टम को सुधारेगा कौन , यहां के मंत्री यहां की मेयर या यहां के व्यापारी सब मस्त है बस जनता त्रस्त है बाकी सब ठीक ठाक है तो जनाब आपको हमारी सलाह है कि शनिवार इतवार घर से बाहर ना निकले नहीं तो बचपन की वह सभी गालियां जो आपने अपने बड़े होने पर मुश्किल से छिपा रखी है आपके जुबान पर खुद ब खुद आ जाएगी, ब्लड प्रेशर बढ़ जाएगा , पूरे दिन का मूड खराब हो जाएगा लेकिन हालात नहीं बदलेंगे मन में तसल्ली रख कर सब कुछ समय पर छोड़ दें कभी ना कभी तो कुछ ना कुछ तो होगा ही ।

बाकी इंतजार आने वाले सालों में g20 सम्मेलन और अन्य कई विदेशी समारोह की आवो भगत ऋषिकेश में होती रहेगी , आपके लिए सबसे बड़ा सबक अब कुछ दिनों में होने जा रहा है कि दूसरे के फटे में टांग ना अड़ाये जैसे परमार्थ निकेतन में जी20 की गंगा आरती क्या हुई ऋषिकेश में हसरतें मचलने लगी ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर आरती क्यों नहीं होती , अब जब हो रही है तब कीमत चुकानी पड़ रही है , जब तक कार्यक्रम होना जाए तब तक मुसीबत नए नए रूप में सामने आती रहेंगी।

पहाड़ दस्तक सिर्फ यह चाहता है कि शहर में मुख्य मार्गों पर प्लानिंग के साथ काम हो पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो डिवाइडर ना होने से दुर्घटनाएं ना हो और पर्यटकों के साथ-साथ ऋषिकेश की सेहत भी बरकरार रहे , पर्यटक आए उनको सुविधा मिले , स्थानीय लोग अपने परिवार के साथ आराम से घूम फिर कर अपनी छुट्टियों का आनंद ले सकते है पर्यटन नगरी को ऐसा विकसित करें कि हर कोई बार-बार यहां आए और यहां की तारीफ करके जाए ना कि यहां की बुराइयों को ले जाए ।

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