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योगी की बहन की नीलकंठ महादेव से प्रार्थना

योगी आदित्यनाथ एक बार फिर बहुमत से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और उनके माथे पर सजे विजय तिलक, योगी की बड़ी बहन शशि का सपना जिसके लिए करती है नीलकंठ महादेव से रोज प्रार्थना

 

रिपोर्ट कृष्णा रावत डोभाल

ऋषिकेश शिवरात्रि का मौका है और उत्तर प्रदेश में चुनाव का प्रचार प्रसार तेजी के साथ चल रहा है योगी आदित्यनाथ एक बार फिर उत्तर प्रदेश की सत्ता की कुर्सी के लिए संघर्ष कर रहे हैं ऐसे में उनकी बड़ी बहन नीलकंठ महादेव से रोज प्रार्थना करती है कि उसका छोटा भाई एक बार फिर उत्तर प्रदेश की कमान को बहुमत के साथ संभाले । जी हां यम्केश्वर में स्थित नीलकंठ महादेव वैसे तो पूरे विश्व में भक्तों की मुराद पूरी करते हैं लेकिन स्थानीय लोगों की आस्था नीलकंठ महादेव और यम्केश्वर महादेव में बहुत ज्यादा है योगी आदित्यनाथ थी यमकेश्वर क्षेत्र के ही निवासी हैं उनका जन्म यमकेश्वर के एक छोटे से गांव पंचूर में हुआ था ,यम्केश्वर महादेव अपने गुरु की शरण में आकर योगी आदित्यनाथ ने सन्यास ग्रहण कर लिया और अपने गुरु की धार्मिक विरासत को संभालते हुए राजनीतिक विरासत में भी अपना लोहा मनवाना शुरू कर दिया ,इस बार मुख्यमंत्री के लिए एक बार फिर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का इलेक्शन लड़ा जा रहा है

योगी आदित्यनाथ का परिवार अभी भी यम्केश्वर तहसील के पंचूर गांव में रहता है पिता का अभी कुछ समय पहले ही देहांत हुआ था, सात भाई बहनों में शशि सबसे बड़ी और योगी पांचवें नंबर के हैं ,योगी आदित्यनाथ की बहन शशि का विवाह कोठार गांव के पूर्ण सिंह पयाल से हुआ , जिनकी एक छोटी सी दुकान है  शशि अपने पति के साथ अपने गांव से रोज ढाई किलोमीटर दूर नीलकंठ महादेव में पहुंचते हैं और यहां उनकी एक छोटी सी दुकान है जिसमें प्रसाद और खाने-पीने की वस्तुएं नीलकंठ आने वाले श्रद्धालुओं को मिल जाती है

 

जिसको वह सुबह 7:00 बजे खोलते हैं शशि का कहना है कि वह रोज अपने भाई की उन्नति के लिए नीलकंठ महादेव से प्रार्थना करती है उसका सपना है एक बार फिर भाई के माथे पर विजय तिलक सुशोभित हो नीलकंठ महादेव भाई को बहुमत के साथ विजयी बनाएं।

योगी आदित्यनाथ की बहन शशि का कहना है कि 28 साल से भाई की कलाई पर उन्होंने राखी नहीं बांधी है लेकिन वह हर त्योहार पर अपने भाई को रक्षाबंधन नहीं राखी जरूर भेजती है 1994 में योगी आदित्यनाथ ने संयास ले लिया था उसके बाद बहन को भाई की कलाई पर राखी बांधने का सौभाग्य नहीं मिला शशि बताती है कि बचपन से ही योगी आदित्यनाथ का स्वभाव दूसरे भाई बहनों से अलग था वह गंभीर प्रवृत्ति के थे अपनी बहन से उनको काफी लगाव है ,योगी आदित्यनाथ बहन के हाथ का बना खाना भी बड़े चाव से खाते थे लेकिन कई साल बीत गए हम दोनों ने साथ भोजन नहीं किया ,योगी आदित्यनाथ का परिवार अपनी सादगी के लिए पूरे क्षेत्र में जाना जाता है उनके भाई बहन साधारण स्थिति में ही मेहनत करके अपना गुजर-बसर करते हैं और एक मुख्यमंत्री के भाई होने का उन्हें कोई गुमान नहीं है बस भाई स्वस्थ और अपने कार्य में दक्ष रहे इसकी प्रार्थना उनका परिवार हमेशा करता है रहता है

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