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आखिर दायित्व बांटने में धामी सरकार की देरी क्यों

विभागों के अध्यक्ष उपाध्यक्ष और पदाधिकारी ना होने से कामों में नहीं आ रही है तेजी आखिर क्यों इस मामले में फिसड्डी होती जा रही है धामी सरकार , नतीजा दायित्वों की फेक लिस्ट होने लगी वायरल

 

रिपोर्ट _कृष्णा रावत डोभाल

ऋषिकेश , उत्तराखंड में सरकार अभी तक दायित्व पर फैसला नहीं कर पाई है हर बात के लिए केंद्र सरकार और संगठन का मुंह देखने वाली उत्तराखंड की भाजपा सरकार राज्य में फैले तमाम निगम आयोग और समितियों के लिए कार्यकर्ताओं का चयन करने के बाद भी चुप्पी साधे बैठी हुई है जिसका नतीजा उत्तराखंड में दायित्व धारियों की सूची वायरल होना शुरू हो गया है जिस पर संगठन के पदाधिकारी अपनी झेप मिटाते हुए सफाई देना शुरू कर रहे हैं ।

लंबे समय से उत्तराखंड में दायित्व की राह देख रहे बीजेपी कार्यकर्ताओं का सब्र अब टूटने लगा है और कटघरे में मुख्यमंत्री धामी कार्यकर्ताओं के निशाने पर आ रहे हैं हालांकि सीधे तौर पर कोई मीडिया के सामने बोलने के लिए तैयार नहीं है लेकिन अंदर खाने खुलेआम आलोचना का बांध अब टूटने लगा है जिसके फल स्वरूप कार्यकर्ता मीडिया में दायित्व धारियों की पहली तथाकथित लिस्ट को वायरल  कर चुके है ऐसे में अब सवाल उठने लगा है कि आखिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दायित्व के बंटवारे में क्यों चुप्पी साधे हुए हैं

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद भट्ट में मीडिया के सामने कई बार इसे मुख्यमंत्री का विशेष अधिकार बताते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया है लेकिन समय बीता जा रहा है और कार्यकर्ताओं में रोष बढ़ता जा रहा है उत्तराखंड के नेताओं प्रभारियों के चक्कर काट काट कर कार्यकर्ता परेशान है आखिर लिस्ट में आए तो किसका नाम आए, अभी तो संगठन ने इस लिस्ट को झूठा करार देते हुए अफवाहों पर रोक लगाने की कोशिश की है लेकिन आने वाले दिनों में तेजी के साथ इस तरह की घटनाएं सामने आएगी क्या संगठन इस तरह की हरकतों पर अपने कार्यकर्ताओं पर लगाम लगा पाएगा यह सोचने वाली बात है।

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