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नरेंद्र नगर राजमहल में टिहरी राजवंश से जुड़ी अनूठी परंपरा

भगवान बद्री विशाल के शीत निंद्रा से जागने पर अभिषेक के लिए हाथो से पीस कर राजमहन में निकाला गया तिल का तेल

 

रिपोर्ट _कृष्णा रावत डोभाल

नरेंद्र नगर, आज से भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने की परम्परा का श्री गणेश हो गया है | सदियों पुरानी गाडू घडी परम्परा के तहत आज टिहरी राज़ परिवार की महिलाओं और राज परिवार से जुड़ी महिलाओं द्वारा   हाथों से निकाले तिलों के  तेल  को घड़ों में  भरकर बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना  किया गया | इसी तेल से  कपाट खुलने के बाद अगले ६ महीने भगवान  का श्रृंगार और अभिषेक किया जाएगा ।

धरती पर बैकुंठ धाम कहे जाने वाले भगवान बद्री विशाल के अभिषेक के लिए नरेंद्रनगर  राज महल में टिहरी की सांसद व महारानी राज्य लक्ष्मी शाह की अगुवाई में व्रत रखने के साथ, पीला वस्त्र धारण कर 60 से अधिक सुहागिन महिलाओं द्वारा मूसल-ओखली व सिलबट्टे से तिलों का तेल पिरोया गया है। राजपुरोहित कृष्ण प्रसाद उनियाल ने पौराणिक परंपरानुसार महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह के हाथों विधि-विधान पूर्वक पूजा अर्चना करवाते हुए तिलों का तेल पिरोने की शुरुआत की। पिरोये गए तिलों का तेल (गाडू घड़ा) तेल कलश में परिपूरित किया गया। तिलों के तेल से परिपूरित गाडू घड़े की विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना डिम्मर समुदाय के ब्राह्मण(सरोला) द्वारा तैयार किए गए भोग लगा कर किया गया। इस भव्य कार्यक्रम के लिए राजमहल को साफ-सफाई के साथ फूल-मालाओं से सजाया व संवारा गया था। इस अवसर पर महाराजा मनु जयेंद्र शाह, महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह व पुत्री श्रीजा सहित दोनों पोतियां सानवी अरोड़ा व अहाना अरोड़ा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। इस अवसर पर महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह व महाराजा मनु जयेंद्र शाह ने विश्व शांति, समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि सच्चे मन से जो भी श्रद्धालु भगवान बद्री नाथ के दर्शन करने जाते हैं उनकी मनोकामना पूर्ण होती है।उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों से चारों धाम की यात्रा करने की अपील की है। आज रात्रि को लगभग 10 बजे नरेंद्र नगर के राजमहल से वाद्य यंत्रों के साथ गाडू घड़ा कलश को महाराजा और महारानी द्वारा डिम्मर धार्मिक केंद्रीय पंचायत को सौंपा जाएगा। राजमहल से भव्य गाडू घड़ा तेल कलश शोभायात्रा भगवान बद्रीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी, जो रात्रि को श्री बद्री केदारनाथ समिति चेला चेतराम ऋषिकेश में रात्री विश्राम करेगी ।

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