मातृशक्ति का उदय: ऋषिकेश में कुसुम कंडवाल ने बजट को बताया महिलाओं के लिए ऐतिहासिक
सरकार के विजन से देश की बेटियाँ केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं बल्कि नेतृत्वकर्ता बनकर उभर रही : कुसुम कंडवाल

रिपोर्ट — कृष्णा रावत डोभाल
ऋषिकेश: राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने आज ऋषिकेश स्थित व्यापार सभा भवन में स्थानीय व्यापारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ केंद्रीय बजट सत्र का सीधा प्रसारण सुना।
इस अवसर पर उन्होंने बजट की बारीकियों पर चर्चा करते हुए इसे देश की मातृशक्ति के स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता को समर्पित बताया। अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह समस्त देशवासियों के लिए गर्व का विषय है कि लगातार 9 वर्षों से एक महिला मातृशक्ति के रूप केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जी देश का बजट प्रस्तुत कर रही हैं, जो वैश्विक पटल पर भारत की सशक्त होती नारीशक्ति का जीवंत उदाहरण है।
बजट की सराहना करते हुए अध्यक्ष कंडवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस बार महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण हेतु 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की ऐतिहासिक धनराशि आवंटित की गई है। यह भारी-भरकम निवेश देश की आधी आबादी को शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने विशेष रूप से ‘लखपति दीदी’ योजना के विस्तार और कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास व क्रेच की सुविधा बढ़ाने जैसे कदमों को रेखांकित किया, जिससे आने वाले समय में कार्यक्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिलेगी।
कुसुम कंडवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के विजन से आज देश की बेटियाँ केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं बल्कि नेतृत्वकर्ता बनकर उभर रही हैं। मुद्रा लोन की सीमा में बढ़ोतरी और पीएम आवास योजना के अंतर्गत महिलाओं को मालिकाना हक मिलने से उनके सामाजिक और आर्थिक स्तर में व्यापक सुधार आया है। व्यापार सभा भवन में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में सहायक होगा और देश की हर बेटी के सपनों को नई उड़ान देगा।
कार्यक्रम में उपस्थित व्यापारियों और कार्यकर्ताओं ने भी इस समावेशी बजट का स्वागत करते हुए केन्द्र सरकार के प्रयासों की सराहना की।



