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सहस्रधारा में देर रात बादल फटा, मुख्य बाजार में आया मलबा; कई होटल-दुकानों को नुकसान

रिपोर्ट _ कृष्णा रावत डोभाल

देहरादून, सहस्रधारा क्षेत्र में सोमवार देर रात बादल फटने से बड़े पैमाने पर नुकसान होने की सूचना है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के मुताबिक मुख्य बाजार में मलबा आने से दो से तीन बड़े होटल और कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
कार्डीगाड़ में बादल फटने के बाद मुख्य बाजार में बड़े पैमाने पर मलबा आ गया। इससे दो से तीन बड़े होटल क्षतिग्रस्त हो गए जबकि एक मार्केट में बनीं करीब 7 से 8 दुकानें ध्वस्त हो गईं।
उन्होंने बताया कि वहां पर करीब 100 लोग फंस गए थे जिन्हें गांव वालों ने सकुशल रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। उन्होंने बताया कि ऐसी भी सूचना मिली कि एक से दो लोग लापता हैं लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई, हालांकि उनकी तलाश की जा रही है।
इसके साथ ही ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी, सॉन्ग नदी ने निचले इलाकों में आफत मचा दी है,

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अतिवृष्टि से प्रभावित देहरादून जनपद के मालदेवता क्षेत्र एवं केसरवाला का स्थलीय निरीक्षण कर वहाँ की स्थिति का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की गति तेज करने के निर्देश अधिकारियों को दिए तथा स्थानीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों, पुलों एवं सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे आमजन के जीवन पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र चालू किया जाए, सुरक्षित पेयजल व बिजली की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन व प्रशासन की टीम निरंतर फील्ड में सक्रिय है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ राहत, बचाव व पुनर्वास कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर में वृद्ध‍ि को देखते हुए आपदा से निपटने हेतु विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

मुख्यमंत्री राज्य आपदा परिचालन केंद्र और विभिन्न जिलों की परिस्थितियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं एवं सभी जिलाधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को तात्कालिक प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ विधायक  उमेश शर्मा ‘काऊ’, गढ़वाल आयुक्त  विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल  राजीव स्वरूप, अपर सचिव  बंशीधर तिवारी सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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