उत्तराखंडदुनियादेहरादूनप्रशासनबेबाक बोल

गौ सेवा में लगे गौ सेवकों पर पशुलोक का दबाव

आवारा गोवंश की सेवा कर रहे गौ सेवकों पर पशुपालन विभाग ने बनाया दबाओ , अपने जानवरों सहित खाली करें जमीन , गौ सेवकों का आरोप सड़कों पर लगातार घायल हो रहे गोवंश की सेवा उपचार के लिए जिम्मेदार विभाग भी नहीं दे रहा है जमीन , जनप्रतिनिधि भी दे रहे सिर्फ कोरा आश्वासन

रिपोर्ट _ कृष्णा रावत डोभाल

ऋषिकेश , जिस देश में गाय को मां का दर्जा प्राप्त है जिस हिमालय पर शिव का वास है वही नंदी बैल की स्थिति सड़कों पर आवारा घूमते जानवरों की तरह बनती जा रही है आलम यह है कि ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में लगातार गोवंश खुलेआम सड़कों पर घूमता हुआ नजर आता है कई बार गाड़ियों से टक्कर होने के बाद एक्सीडेंट की घटनाओं में गोवंश के साथ-साथ जनहानि भी होती रहती है लेकिन इस और कभी भी जनप्रतिनिधि कोई ठोस कदम नहीं उठाते।

ताजा मामला लंबी वायरस से पीड़ित और एक्सीडेंट में घायल गोवंश को लेकर सामने आया है , जिस की सेवा में लगे कुछ उत्साही नौजवानों ने पशुओं की खाली पड़ी भूमि पर लंबी वायरस ग्रसित गायों का इलाज और ऋषिकेश की सड़कों पर घायल हुई गाय और गौ वंश की सेवा का बीड़ा उठाया है, लेकिन इन नौजवानों की सेवा कुछ विभागो और जनप्रतिनिधियो को खटखने लगी है।

तमाम सरकारी आश्वासनों से परेशान होकर यह नौजवान  ऋषिकेश प्रेस क्लब के सभागार में पहुंचे और वहां प्रेस प्रतिनिधियों से बातचीत करके पशुलोक के अधिकारियों की पोल खोली , प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान समाजसेवी संस्था के संयोजक शिवा चौहान ने बताया कि उनकी टीम देशभर में फैली गायों में लंबी वायरस की बीमारी से बीमार हो रही गायों को बचाने के लिए उनके साथ जुड़े लोगों ने निशुल्क उपचार करने का संकल्प लिया है उन्होंने पशुलोक की स्थिति पशु विभाग की खाली पड़ी जमीन पर ऐसे ही  जानवरों का उपचार करना प्रारंभ कर दिया है ,लेकिन पशुपालन विभाग अब उन्हें वहां से जानवर सहित हट जाने का नोटिस और धमकी दे रहा है , इसके बाद उनके सामने उपचार करने का संकट पैदा हो गया है उन्होंने जगह उपलब्ध कराए जाने के लिए नगर निगम की महापौर के साथ स्थानीय क्षेत्र विधायक से भी संपर्क साधा परंतु दोनों ने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया , इससे वे निराश हैं और अपनी मांग को लेकर जल्द ही प्रदेश के पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा से मुलाकात करेंगे , जिससे इन गोवंश के पशुओं को उपचार करने के लिए जगह मिल सके और इनका पालन-पोषण हो सके । पत्रकार वार्ता में जर्मनी से आई गौ सेवक केरन , सुमित, शिवा चौहान और यूएसए से आई जाबिन चौहान उपस्थित थे।

Related Articles

Back to top button