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उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को लगे ड्रोन के पंख

विषम भौगोलिक परिस्थिति और स्वास्थ्य सेवाएं हमेशा उधर खंड के लोगों के लिए चुनौती रहे हैं , जल्द ही उत्तराखंड में दवाई टेस्ट और अन्य रिपोर्टों को पहुंचाने के लिए ड्रोन की मदद ली जाएगी जिसका सफल ट्रायल की उत्तरकाशी और देहरादून के बीच में हो चुका है

 

रिपोर्ट _ कृष्णा रावत डोभाल

देहरादून , उत्तराखंड के पहाड़ों पर रहने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो आने वाले समय में पहाड़ी क्षेत्रों में निवास कर रहे लोगों को सबसे बड़ी सुविधा स्वास्थ्य सेवाओं में मिलने जा रही है , जी हां जल्द ही उत्तराखंड में विषम भौगोलिक परिस्थिति में रह गए लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा के लिए मैदानों का रुख नहीं करना पड़ेगा क्योंकि टेस्ट , रिपोर्ट दवाइयों जल्द ही ड्रोन के पंख लगने जा रहे हैं जिसका सफल ट्रायल देहरादून और उत्तरकाशी के बीच में हो गया है ।

रेडक्लिफ लैब ने उत्तरकाशी से टेस्ट सैंपल को लेकर देहरादून के बीच ड्रोन के द्वारा सफल परीक्षण किया लगभग 88 मिनट में रोने 60 किलोमीटर की दूरी को 5 किलो वजन के साथ तय किया, ऐसा प्रयोग पहली बार उत्तराखंड में किया गया है जहां स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है और ऐसे में ड्रोन की तकनीक उत्तराखंड के लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है जिसमें लैब से संबंधित कार्य दवाइयों का आदान-प्रदान आसानी से किया जा सकता है।

आगामी 10 जून से रेडक्लिफ बी बी एल ओ एस ड्रोन उड़ान शुरू करेगा स्काई एयर के साथ मिलकर यह पहल शुरू की गई है रेडक्लिफ लैब के संस्थापक धीरज जैन के अनुसार देहरादून और उत्तरकाशी के बीच 144 किलोमीटर का रास्ता है जिससे तय करने में लगभग 8 घंटे लगते हैं , रोड ब्लॉक और बारिश के समय यह दूरी और बढ़ जाती है ऐसे में ड्रोन सेवा उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार कर सकती है।

और 10 जून से इसकी शुरुआत भी हो जाएगी मात्र 88 मिनट में ड्रोन के जरिए सैंपल को देहरादून लैब में पहुंचा दिया जाएगा और इस सफर में सिर्फ आने जाने में एक बार बैटरी बदलनी पड़ेगी

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