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डेंगू के डाकू, अस्पतालो का धंधा

मरीज को डर दिखाकर मनचाहा पैसा लूट रहे हैं अस्पताल और निजी लैब , उत्तराखंड स्वास्थ्य महकमा माइक्रो प्लान बनाकर कसेगा नकेल

रिपोर्ट _कृष्णा रावत डोभाल
देहरादून,11 सितंबर
देहरादून में डेंगू क्या आया प्राइवेट हॉस्पिटल मनमानी और धोखाधड़ी पर उतर आए कुछ ऐसा ही मामला बीते रोज भी सामने आया इसके बाद स्वास्थ्य सचिव उत्तराखंड डा आर राजेश ने इस तरह के प्राइवेट हॉस्पिटलों पर लगाम लगाने के लिए प्लानिंग तैयार करने के आदेश दिए है, और इस धंधे में लिप्त निजी अस्पतालों पर फाइन के साथ-साथ कार्रवाई करने के आदेश भी दिए गए है।
अस्पतालों की लैब प्लेटलेट्स की गलत रिपोर्ट दे रही हैं। इसका खुलासा रिपोर्ट की क्राॅस चेकिंग मेेंं हुआ है। सीएमओ की ओर से गलत रिपोर्ट देने पर चार अस्पतालों की लैब को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं, जिलाधिकारी की ओर से इन पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। अस्पताल में इन मामलों में लापरवाही या गड़बड़ी किये जाने पर 50,000 से ₹200,000 तक के जुर्माने की चेतावनी भी दी गई है। डेंगू का हॉट स्पॉट बन चुके देहरादून में इस वक्त सबसे बड़ी समस्या बल्ड बैंक में प्लेटलेट्स की बनी हुई है । जिस के लिए मरीज के तीमारदारों को भटकना पड़ रहा है।
 
स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश ने दिए आदेश ..

नोटिस में कहा गया है कि एक तरफ जहां कुछ मरीजों की सरकारी अस्पताल में प्लेटलेट्स 30,000 तक काउंट की गई हैं तो वहीं निजी अस्पतालों में इनकी संख्या 20,000 से भी कम रही है, इसी को लेकर स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश कुमार ने अधिकारियों की बैठक ली और एक नए माइक्रो प्लान के साथ शहर भर में डेंगू को लेकर नई व्यवस्थाएं करने के दिशा निर्देश दिए हैं।

तैयार हो रहा है माइक्रो प्लान…

 प्राइवेट हॉस्पिटल दिन प्रतिदिन लूट खसोट का अड्डा बनते जा रहे हैं जिस पर लगाम लगाना सरकार के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है , उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश जल्द ही डेंगू पर मरीज को डर दिखा कर लूटने वाले अस्पतालों के खिलाफ एक प्लान तैयार कर रहे हैं ,उत्तराखंड में आपदा को अवसर बनाने वाले अक्सर आपदाओं के दौरान सक्रिय दिखाई देते हैं, देहरादून में डेंगू के बढ़ते मरीजों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर कोई गड़बड़ी न करें इसके लिए भी स्वास्थ्य विभाग अब नई प्लानिंग तैयार कर रहा है, अफसरों को भी मॉनिटरिंग सिस्टम और सतर्कता के साथ तैयार करने के लिए कह दिया गया है।
एक नजर लैब और अस्पताल के गड़बड़ झाले पर….

जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला स्तरीय टीम ने निरीक्षण के दौरान सविता गोयल पैथोलॉजी लैब, पेनिसिया अस्पताल, सिनर्जी अस्पताल और कैलाश अस्पताल की लैब में अनियमितता पाई। सविता गोयल पैथोलॉजी लैब की ओर से डेंगू के भर्ती मरीज की 51,000 प्लेटलेट्स काउंट की रिपोर्ट दी गई, एनएबीएस लैब से क्रॉस चेक करने पर यह 2.73 लाख पाई गईं। वहीं, पेनिसिया अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में डेंगू के भर्ती मरीज की 10,000 प्लेटलेट्स काउंट की रिपोर्ट दी गई। सरकारी लैब से क्रॉस चेक करने पर प्लेटलेट्स 32,000 पाई गईं।

सिनर्जी अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में मरीज की 19,000 प्लेटलेट्स काउंट की रिपोर्ट दी गई थी, क्रॉस चेक में 30,000 मिलीं। कैलाश अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में 14,000 प्लेटलेट्स काउंट की रिपोर्ट दी गई, क्रॉस चेक में 80,000 पाई गईं। जांच में पता चला कि लैब की ओर से अनियमितता की जा रही है। इन सभी अस्पताल प्रशासन को साक्ष्य सहित तीन दिन के भीतर लिखित रिपोर्ट देने को कहा गया है। संतोष जनक उत्तर न देने पर संबंधित के विरुद्ध एपिडेमिक डिसीसेज एक्ट 1897 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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