
रिपोर्ट _ कृष्णा रावत डोभाल
देहरादून, मुख्यमंत्री आवास परिसर में मंगलवार को शहद निकालने का काम किया आवास पर उद्यान विभाग द्वारा बी कीपिंग की कुछ पेटियां रखी गई थी। पहले चरण में 60 किलोग्राम शहद निकाला किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री आवास परिसर एवं आस-पास के क्षेत्र में 3-बी गार्डन (बी- फ्रेंडली गार्डन, बटर – फ्लाई फ्रेंडली गार्डन एवं बर्ड फ्रेंडली गार्डन) विकसित करने की दिशा में कार्य किये जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में मौन पालन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रचुर मात्रा में फूलों की प्रजातियां हैं, जो उच्च गुणवत्ता वाले जैविक शहद उत्पादन में सहायक हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में औषधीय गुणों वाला शहद तैयार करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए।


इस अवसर पर उद्यान अधिकारी दीपक पुरोहित और पर्वतीय ग्रामोद्योग संस्थान से जुड़े अजय सैनी मौजूद रहे ।
उत्तराखंड मौन परिषद के उपाध्यक्ष गिरीश डोभाल ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुरू से ही राज्य में मौन पालन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, यही कारण है उत्तराखंड में शहद उत्पादन को स्वरोजगार से जोड़ने और प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री धामी ने अपने मुख्यमंत्री आवास में मधुमक्खी पालन शुरू किया नतीजा आज सबके सामने में उत्तराखंड मौन परिषद और उद्यान विभाग के सहयोग से राज्य में किसानों को गांव गांव जाकर ट्रैनिंग प्रोग्राम, मधु ग्राम बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, राज्य सरकार सब्सिडी देकर मौन पालन की दिशा में तेजी से काम कर रही है, आज उत्तराखंड ने कम समय में तेजी के साथ शहद उत्पादन में देश भर में आठवां स्थान बनाया है, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के प्रयास से जल्द ही जी आई टैग मिलने से राज्य में ज्योली कोट सहित उत्तराखंड का शहद पूरे विश्व में अपनी नई पहचान बनाएगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सपने को साकार करेगा।




